पापनाशक भागीरथी
को इन्सान ने मैला कर दिया।
राम तेरी गंगा मैली’ को
हमने कड़ी मेहनत से
चरितार्थ कर दिया।
धो रही थी अब तक जो
हमारे पाप को
अपने पुनीत कर्मों से
हमनें उसकी पवित्रता को धो दिया।
बहाकर मैल नालियों, नदियों का
हमनें देख तो
ओ राम !
हमनें अब तेरी गंगा को मैली
कर दिया।
भागीरथी..
Comments
17 responses to “भागीरथी..”
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Nice lines
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धन्यवाद
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Bahut umda vichar
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🙏🙏
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धन्यवाद
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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🙏
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Nice lines
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धन्यवाद
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उत्तम विचार
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🙏🙏
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Bhut sunder
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धन्यवाद
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बहुत अच्छा
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धन्यवाद
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बहुत बढ़िया विचार
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