भारत माता कह रही (दोहे)

भारत माता कह रही, एक जुट हो सब लाल
शत्रु की ईंट जवाव दो, पत्थर से तत्काल
भारत माता कह रही, संकट में इंसान
मत भूलो इंसानियत, सब मारो शैतान
भारत माता कह रही, ईश्वर जैसे एक
वैसी है सब आत्मा, चाहे पंथ अनेक
भारत माता कह रही, भाई चारा खेत
बोय फसल तैयार कर, दुनिया को सुख देत
भारत माता कह रही, देश को अपना मान
सबके त्याग से लिखित औ निर्मित है संविधान
भारत माता कह रही, जीने का अधिकार
संविधान सबको दिया, पशु पक्षी मत मार
भारत माता कह रही, फौजी जैसे मान
रक्षक बनिए देश के, चाहे जाए प्राण

Comments

6 responses to “भारत माता कह रही (दोहे)”

  1. Ekta Gupta

    🙏🏻🙏🏻 bharat mata ki jai

  2. बहुत सुन्दर रचना

  3. Geeta kumari

    अति सुन्दर रचना

  4. भारत माता की जय बहुत सुंदर पंक्तियां

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