भोजपुरी निर्गुण भजन 3 – सुगनवा जइहे |

भोजपुरी निर्गुण भजन 3 – सुगनवा जइहे |
बितली उमरिया मोर कइली ना करमीया थोर |
पपवा करमिया करे परेशान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |
इ तनवा माटी हवे तनको ना विचार बाटे |
जगवा से मुहवा मोड़ माया इ संसार बाटे |
काहे पाछे पछतावा नाही मन भरमावा|
मन निर्गुण ब्रम्ह लगाके होजा तू इंसान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |
दया दान कइला नाही रास रंग रहला चाही |
बात गुरु सुनला नाही मनमानी कइला चाही |
केहु ना सतावा कबों मनवा अबहिन जवान |
सस्ता सउदा पटाके बन जा तू धनवान |
सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286

Comments

8 responses to “भोजपुरी निर्गुण भजन 3 – सुगनवा जइहे |”

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank very

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank very

  1. अच्छी रचना

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हार्दिक आभार आपका

  2. Shyam Kunvar Bharti

    Thank you

  3. बहुत सुंदर

Leave a Reply

New Report

Close