भोजपुरी बिरह गीत- ये निरमोही सइया |

भोजपुरी बिरह गीत- ये निरमोही सइया |
जड़वा के रतिया ननदी कटले ना कटात |
ये निरमोही सइया अँखिया नींदियों ना आत |
कराई के बिदाइ हमके घरवा बईठवला |
जबसे तू गईला संदेशवो ना पईठवला |
ये निरमोही सइया नैना लोरवो ना रुकात |
सड़ियो ना भेजला रज़इयो ना भेजला अबले |
कापेला देहीया मोर अकेले जड़वा बिताई कबले |
ये निरमोही सइया तोहरो सुरतिओ ना भुलात |
धनवा कटाई गइले गेंहुया बोआई कइसे |
खाद पानी लाई कईसे होई सिचाई कईसे |
ये निरमोही सइया देहिया औरी खेतवो सुखात |
बहे जब ठंडी बयरिया लहरे खेतवो कियरिया|
घरवा ना अइला पपीउ मोर बरसे नजरिया |
ये निरमोही सइया लाजे हम नईहरवों ना जात |
छोड़ी दा नोकरिया गावे करा खेती बरिया |
लगवे रहा हमरे मती जा अब तू बहरिया |
ये निरमोही सइया मोर जवनियों बीतल जात |
जड़वा के रतिया ननदी कटले ना कटात |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -995550928

Comments

8 responses to “भोजपुरी बिरह गीत- ये निरमोही सइया |”

  1. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik abhar

    1. Shyam Kunvar Bharti

      dhanyawaad pandit ji

  2. सुंदर रचना

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik aabhar apka prgya ji

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik aabhar pandey ji

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