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  1. कवि गीता जी ने अभिधागत लक्षणा के माध्यम से हास्य का पुट देकर प्रेरणात्मक शैली में इस कविता की रचना की है। कवि के विषय और व्यंग्य शैली दोनों में ताजगी हैं। बहुत सुंदर काव्य रचना।

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