इस वक्त हवा मेरे खिलाफ है
पर हौंसले मेरे बढ़ते रहेंगे
मै कितना भी थक जाउ
कदम मेरे वक्त के साथ
मंजिल की सीढ़ियां चढ़ते रहेंगे.
मंजिल
Comments
16 responses to “मंजिल”
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Nice
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धन्यवाद
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Good
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धन्यवाद
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हौसले हमेशा बुलंद रखना …सुंदर रचना
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धन्यवाद
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Nice
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धन्यवाद
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nice
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धन्यवाद
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Wah
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धन्यवाद
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वाह वाह
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धन्यवाद
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वेलकम दीदी
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धन्यवाद
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