सभी मित्रोजनो को होली की अग्रिम शुभकामनाये। आप सबों को होली पर
एक भेट! ******
प्रेम-रस का रंग बरसाने
निकली भर के झोली में !
क्युँ मैं सखियों से बिछङी
क्या आया रास अकेली में
ताँक रहे थे पिया गली में।
धर ले गए खींच दहेली में।
हाथो को पकङा रंग गालो
पर रगङा
मूक रही कुछ न बोली मैं ।
हाथो को जोङा पैरो को पकङा
सुनी एक न मेरी हमजोली ने।
मनभावन मेल लता-तरु सा
आहा! मजा आ गया होली में!?
-रमेश
जय राधे- कृष्ण–
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