आज की होली का रंग बस लाल है यह खून है या गुलाल है दिल वालों का शहर आज वीरान है लोगों के पागलपन देखों रोटी कीमती और सस्ती अभी जान है मौत पर आज […]
आज की होली का रंग बस लाल है यह खून है या गुलाल है दिल वालों का शहर आज वीरान है लोगों के पागलपन देखों रोटी कीमती और सस्ती अभी जान है मौत पर आज […]
फिर आज गुलालों के खातिर बदरंग बनेगे होली में । अंग अंग पर रंग सजा हुड़दंग करेगे होली में ।। न जानेगे कितने रंग नये चेहरों पर खिल जायेगे । न जाने कितने टूटेंगे कितने […]
हिन्दी होली गीत – मत तरसाओ ना | होली मे तुमको ना छोड़ेंगे हम , मुझे मत तरसाओ ना | अबकी फागुन तुमको लगाएंगे रंग | मुझे मत तड़पाओ ना | गोरे गालो गुलाल लगाएंगे […]
सजनी है गौर और सजना क्यों काला? आओ हम खेलें खेल रंग रंग वाला। लाल से रंग दो हरे से रंग दो। नीला और पीला गुलाबी से रंग दो। रंग डालो अज बेनीआहपीनाला। आओ हम […]
भोजपुरी होली गीत 2-हमके फगुनवा मे | हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया | तोहार रंग देईब ओढनी मारी पिचकरिया | हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया | खेलबू नाही होरी त करब […]
भोजपुरी होली गीत 1-सगरो फगुनिया | आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया | देखा चढ़ल सबके सगरो फगुनिया | रंगे केहु गाल गुलाबी | केहु रंगे बाल शराबी | रंगवा लगाला ना होई खराबी | […]
भोजपुरी होली गीत 3-मस्त फागुन | आया है मस्त फागुन उड़ती है तेरी चुनरिया | सर सर बहती है मह मह महकति है हवा | तुझे रंग लगाऊँगा मै हर हाल मे | होली खूब […]
भोजपुरी होली 10- अपना सजनवा रे | उनके चढ़ल बाड़े मस्त फगुनवा रे | गोरी रंग देली अपना सजनवा रे | फागुन मे गोरिया के चढ़ल बाड़े मस्ती | मिलतू तू बहिया मे भरती | […]
सुमधुर ध्वनि मुखरित है होली के राग का। लो आ गया भैया महीना रंग बिरंगी फाग का।। धरती भी रंगीन है अम्बर भी रंगीन है। नवल कुसुम संग पत्र नवल है सुरभित जगत नवीन है।। […]
खूब खेली मोहन मेरे दिल से होली नैनों से नींदो की कर ली है चोरी तुझसे मिलने पहले मैं थी चित् कोरी अब चित मेरा तुझ में ना मिले कोई ठोरी तू आकर मिले ना […]
होली —— रंग भरे ख्वाब से, हाथ में गुलाल है। श्याम रंग में भीगने को राधा बेकरार है। नटखट कान्हा तेरी बांसुरी से प्यार है। बांसुरी के स्वरों में प्रेम का मनुहार है। फूलों की […]
भोजपुरी होली 9 – कारी केसिया के झार | बहे लागल फागुनी बयार | मह मह महके अमवा मोजरवा | छन छन छनके महुआ के कोचवा | अईले नाही सईया तोहार | गोरिया कारी केसिया […]
भोजपुरी होली 8–सड़िया ले अइह | सड़िया ले अइह लाल लाल | ये सइया आ गईले फगुनवा | होलिया मे रंगब तोहरो गाल | ये सइया आ गईले फगुनवा | सड़िया के संगवा लाल चुनार […]
भोजपुरी होली 7– आज भारत मे होली | आज भारत मे होली रे सखिया | सिमवा चलावे जवान गोली रे सखिया | आज भारत मे होली रे सखिया | केकर मजाल भारत अँखिया देखावे | […]
भोजपुरी होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर | दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग | मोदी जी महनवा छप्पन इंची सिनवा | बदले देशवा के तकदीर | दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग | जबसे […]
भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा | भोला भंगिया पिये ना जा | कहे गौरा भोला भंगिया पिये ना जा | भोला भंगिया पिये ना जा | पीना जो होतो भोला लस्सी तू पिला […]
भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली सखी खेलब ना कान्हा संग होरी | हरदम करे उ बलजोरी | जब हम जाई जमुना किनरवा | देले मोर मटकी के फोरी | सखी खेलब ना कान्हा संग […]
हमें नहीं पता तुम्हें नहीं पता, तू क्यों है लापता खुशनुमा लम्हा। क्यों सूख रहा है वह हरा दरख़्त, किसे मिलकर सींचा था पहली दफा। वो यादें गुमसुम है जहा बोली थी हमने प्यार की […]
भोजपुरी पारंपरिक होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर | दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग | मोदी जी महनवा छप्पन इंची सिनवा | बदले देशवा के तकदीर | दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग | […]
भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा | भोला भंगिया पिये ना जा | कहे गौरा भोला भंगिया पिये ना जा | भोला भंगिया पिये ना जा | पीना जो होतो भोला लस्सी तू पिला […]
भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली सखी खेलब ना कान्हा संग होरी | हरदम करे उ बलजोरी | जब हम जाई जमुना किनरवा | देले मोर मटकी के फोरी | सखी खेलब ना कान्हा संग […]
आपको रंग डालेगे हाँथ में रंग है पीला। पहले सूखा लगायेंगे भर के पिचकारी में गीला। आप जब गुस्से में आकर के हमपे तिलमिलओगे आपका साँवला मुखड़ा कर देंगे बैंगनी-नीला।
बजे ढोलक बजे नगमे मचे हुढ़दंग होली में रंगी धरती रंगा अम्बर । उड़े है रंग होली में कोई गुब्बारे से खेले तो कोई मरे पिचकारी पड़ी हैं पान की छींटे चढ़े है भंग होली […]
होली आई रे, आई रे ,होली आई रे। यादों की धूल उड़ाती सी , खूनी मंजर दोहराती सी, चहरों की फीकी रंगत पर रंगों का जामा चढ़ाती सी फिर देखो होली आई है। मन मस्त […]
होली के रंग में हम भिगायेंगे अंग, मिल जाये हमें कोई तो लगाएंगे रंग, न सोचेंगे न समझेंगे न समझायेंगे हम, मिलजाये जो थोड़ी सी तो चढ़ाएंगे भंग, घूमेंगे फिरँगे झूमेंगे हम मस्ती में अपनी, […]
छुअन तुम्हारी अँगुलियों की, मेरे कपोलों पर, आज भी मौजूद है, तुम्हारी आँखों की शरारत मेरी, तासीर की हरारत में, आज भी ज़िंदा है, तुम तसव्वुर में जवान हो आज भी, हमारी मुहब्बत की तरह, […]
जीवन जीना एक कला है प्रतिपल एक रंगोली है गर मानवता है दिल में तो प्रात-रात नित होली है ।। वसुधा अंबर में संगम का माध्यम दिनकर होता है तिल होता है चन्दा में भी […]
इस रंग बिरंगी होली की हर बात बहुत ही निराली है, जहाँ-जहाँ तक नज़रें जाती, मस्ती की हर तरफ तैयारी है, माँ के हाँथ के पकवानों को चखने किसी की घर जाने की तैयारी है, […]
आप सभी को होली की रंगों भरी हार्दिक शुभकामनाएँ :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: ऐसा रंग तो डालो पिया। सारा तन-मन रंग डालो पिया । सात रंगों की बरखा है आई , गुलाल अबीर उड़ा लो पिया। फूल पलाश […]
जरा सा मुस्कुरा?☺ देना होली मानाने से पहेले हर गम को जला ??देना होली जलाने से पहेले मत सोचना की किस किस ने दिल?? दुखाया है अब तक सबको माफ़ ??कर देना रंग लगाने से […]
“फागुन आया” फागुन आया चल रंग श्रृंगार कर ले। अपने तन मन को रंग प्रेम व्यापार कर ले रंग ले आज तु यह जग सारा, आया रंगो का मौसम रंगीला, उड़ा-उड़ा गुलाल नाचती गोपियां, देख […]
“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” […]
“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” […]
होली है रंगों का खेल होली है रंगों का खेल आवो खेले मिल के खेल देखो खेल रही है होली ये आसमा ये धरथी हमारी आवो मिल के रंग चुराये सबको मिल के रंग […]
होली पे मस्तों की देखो टोली चली, रँगने को एक दूजे की चोली चली, भुलाकर गमों के भँवर को भी देखो, आज गले से लगाने को दुनीयाँ चली, हरे लाल पिले गुलाबी और नीले, अबीर […]
पलाश की खुशबू लिए होली के रंग, भिगो जाते हैं खुशियों की मस्ती में । गुलाल का गुबार भर देता है ऑंखों में अल्हड सपने। छटा ऐसे लुभाती है…. कि सूने मन में , […]
आज अवध में होली है और, मैं अशोका बन में। रंग दो मोहे राजा राम , मैं बसी हूँ कन कन में।। आँखे रोकर पत्थर हो गयी, आँसू से भरे सागर। तुम भी देख लेना […]
सभी मित्रोजनो को होली की अग्रिम शुभकामनाये। आप सबों को होली पर एक भेट! ****** प्रेम-रस का रंग बरसाने निकली भर के झोली में ! क्युँ मैं सखियों से बिछङी क्या आया रास अकेली में […]
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