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  1. कहे लेखनी बीज, भरोसे का तू अब बो,
    उगा भरोसा आज, भरोसा अपना मत खो।
    ___________ किसी भी व्यक्ति को अपना भरोसा नहीं खो देना चाहिए , इसी तथ्य पर आधारित कवि सतीश जी की छंद शैली में बहुत शानदार रचना अति उत्तम लेखन ।

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