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  1. अब जलधि का
    कौन मंथन कर सके
    उस अमिय की आस
    केवल रह गयी।
    ________ समुंद्र मंथन में जिस प्रकार विष मिला था और अमृत भी उसी प्रकार जीवन के सागर में कवि सतीश जी ने विष और अमृत दोनों के ही मिलने की बात कही है सागर जितनी अथाह गहराई लिए हुए बहुत श्रेष्ठ रचना, सुंदर शिल्प और उच्च स्तरीय लेखन

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