9 Comments

  1. भेजे हुए सिंगनल
    महसूस कर लेना।
    मन न भी भेज सको तो
    कुछ तो करना
    प्रत्युत्तर की तरंगें
    भेज देना।
    टैलीपैथी को मानती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ, अति उत्तम अभिव्यक्ति

    1. आपकी समीक्षात्मक टिप्पणी को सादर धन्यवाद। अपने जीवन में आई अत्यंत कठिन घड़ी को आपने झेला है। बिटिया चली गई, कोरोना ने आपको झकझोर दिया। अब ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आप धीरे धीरे अपने आपको संभालें। आपकी टिप्पणी अमूल्य है। और आपकी टिप्पणी से मन बहुत खुश हुआ। अभिवादन

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