दुनिया की भीड़ में जब कभी अकेली होती हूँ
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
खुशियाँ हो या गम हो हर सुख दुःख में
बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब भी किसी तकलीफ़ में होती हूँ
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब कभी नींद न आती है मुझे
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब होती हूँ बेचैन तो बस
तेरी सुकून की गोद याद आती है मुझे मेरी माँ
जब दिल याद में तेरी भीगा होता है
तो सिर्फ तेरा ही आँचल याद आता है मुझे मेरी माँ।।
माँ
Comments
11 responses to “माँ”
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Nice
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Very nice
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Thank u
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वाह
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Asm post
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Thank u sir
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वाह बहुत सुंदर
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Good
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वाह
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बहुत खूब
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बेहतरीन प्रस्तुति
जब दिल याद में तेरी भीगा होता है
तो सिर्फ तेरा ही आँचल याद आता है मुझे मेरी माँ।।
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