माँ

दुनिया की भीड़ में जब कभी अकेली होती हूँ
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
खुशियाँ हो या गम हो हर सुख दुःख में
बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब भी किसी तकलीफ़ में होती हूँ
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब कभी नींद न आती है मुझे
तो बहुत याद आती है मुझे मेरी माँ
जब होती हूँ बेचैन तो बस
तेरी सुकून की गोद याद आती है मुझे मेरी माँ
जब दिल याद में तेरी भीगा होता है
तो सिर्फ तेरा ही आँचल याद आता है मुझे मेरी माँ।।

Comments

11 responses to “माँ”

  1. Kanchan Dwivedi

    Good

  2. Satish Pandey

    वाह

  3. Satish Pandey

    बहुत खूब

  4. Pratima chaudhary

    बेहतरीन प्रस्तुति
    जब दिल याद में तेरी भीगा होता है
    तो सिर्फ तेरा ही आँचल याद आता है मुझे मेरी माँ।।

Leave a Reply

New Report

Close