मां रोती है

नन्हे से बच्चे को जब
सड़क पर चाय बेचते देखती हूं
इक बहन सिसकती है
मां रोती है
मेरे अंदर

Comments

6 responses to “मां रोती है”

  1. बहुत खूब, कवि हृदय में इस तरह की संवेदना लाजमी है। वाह

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. tiwari brother

    बहुत खूब लिखा है

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