बहुत-बहुत सुंदर है वो,
प्यार का समंदर है वो ,
फीखा है हर रिश्ता ,
पर उसका कोई तोड़ नहीं,
देखी होगी आपने बहुत सी देवियां ,
पर मेरी मां की कोई होड़ नहीं,
मेरी मां कोई होड़ नहीं।
मां ही सुंदर
Comments
11 responses to “मां ही सुंदर”
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माँ है तो जीवन है।
बहुत खूब-

समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏
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Atisunder
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बहुत-बहुत आभार 🙏
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सुंदर रचना
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धन्यवाद 🙏
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🙏 धन्यवाद जी
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माँ।
फीका।
भाव पूर्ण रचना-

सर,क्षेत्र और स्थान के साथ साथ बोली और भाषा बदलती रहती है हमारी भाषा पर थोड़ा हरियाणवी बोली का असर हैं । और फोन के key pad पर चंद्रबिंदु नहीं है मेरे, बाकी भाव पर ज्यादा ध्यान देता ही हूं। 🙏😊समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सर ,आगे और ध्यान देंगे।
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कोई बात नहीं सर आप बहुत अच्छे कवि हैं आप मेरी आलोचना को अन्यथा नहीं लेते यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि मैं हर किसी की आंख मूंदकर तारीफ नहीं करता इसलिए काफी लोग मुझसे जलते हैं आप देखिए और नोटिस कीजिए
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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