मासूम सी ख्वाहिश है इस ज़िन्दगी से,
छोटी सी फरमाइश है इस ज़िन्दगी से।
ना मांगे चांद,सितारे हम, मिले ना कभी कोई गम..
होती रहे खुशियों की बारिश, इस ज़िन्दगी में।
बहुत कश्मकश रहीं इस ज़िन्दगी में,
बहुत कुछ मिला भी, इस ज़िन्दगी में।
थोड़ा सा गिला भी, इस ज़िन्दगी से
बस…थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है इस ज़िन्दगी से।
मासूम सी ख्वाहिश
Comments
14 responses to “मासूम सी ख्वाहिश”
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अतिसुंदर
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏
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वाह, क्या बात है, लेखनी की इस सपाट और प्रखर शैली की तारीफ को शब्द कम पड़ जाते हैं। यूँ ही बिंदास रहे लेखनी।
खूबसूरत अभिव्यक्ति। सादर अभिवादन-
बहुत सारा धन्यवाद सतीश जी। आपकी सुंदर और प्रेरक समीक्षा बहुत उत्साह वर्धन करती हैं आपका हार्दिक अभिवादन🙏
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Thanks bro
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👌✍✍✍
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🙏🙏
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Beautiful
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Thanks pragya
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Very Good Poem
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Thank you very much sir🙏
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Bahut Sundar kavita
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समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद इन्दु जी 🙏
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