मिजाज

मत उछालो मेरे ज़हन को;
मत उछालो मेरे ज़हन को,
खिलौना समझ कर,
मेरा मिजाज कुछ कोयले सा है!
कब लपट बनजाए कुछ पता नहीं।

Comments

6 responses to “मिजाज”

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      Thank you🙏

  1. Praduman Amit

    वाह जनाब।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद जी 🙏

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