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  1. कवि सतीश जी की इस बेहतरीन रचना में दार्शनिक भाव है , सत्कर्म करने की भावना है । बेहतर शिल्प को साथ लिए अद्भुत लेखन, सुंदर लय बद्ध शैली और शानदार प्रस्तुति । लेखनी को प्रणाम है सर, सैल्यूट

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