मिठाई वाले से फलर्ट

एक बार मैं एक फेमस
मिठाई की शाॅप में गई
चांदीवर्क में लिपटी रंग – बिरंगी
चमचमाती मिठाईयां देखकर
मेरे मुँह में पानी भर आया
जैसे ही मैंने पर्स की तरफ हाथ बढ़ाया
मुझे अपनी खाली जेब का ख्याल आया
पर मन में था लालच समाया
फिर भी मैंने मिठाई लेने का मन बनाया
मैंने मिठाई वाले दुकानदार से
कुछ रौबीले अंदाज में कहा
भाईसाहब मुझे बीस – पच्चीस किलो
मिठाई पैक करवा दीजिए
पैसे कल ड्राइवर के हाथ भिजवा दूंगी
मिठाई वाले दुकानदार ने मुझे
ऊपर से नीचे तक अच्छी तरह से देखा
और मन ही मन कहने लगा
लगती तो बड़े घर की है
मैंने तुरंत उनकी बात का समर्थन किया
और कहा कि मैं रिश्ते में
केजरीवाल की बहन लगती हूँ
उन्होंने तुरंत अपना पाॅच साल
पेंडिंग पानी का बिल थमाया
और कहने लगे मेरा बिल माफ करवा दीजिए
मिठाई आप जितनी चाहे ले जाईये
तभी मैंने एक तीर और कमान से निकाला
और कहा राष्ट्रीय कवि संगम
में मेरी जान – पहिचान है
सुनते ही मिठाई वाला मेरे
पांव में गिर पड़ा
कहने लगा कभी मैंने भी दो – चार
कविताएँ लिखी थी
पर कभी सुनाने का चांस ही नहीं मिला
मैंने आशीर्वाद भरा हाथ
उनके सिर पर फिराया
राष्ट्रीय कवि संगम का पता बताया
उन्होंने मुझे पचास किलो
मिठाई पैक करवा दी ।

– रीता अरोरा

Comments

One response to “मिठाई वाले से फलर्ट”

  1. Sridhar Avatar

    बेहतरीन रीता जी

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