‘तुमसे तो चंद कदम तय भी हो सके ना कभी,
मैंने मीलों का सफर चलके ही गुज़ारा है..
कम से कम तुम पर किसी कत्ल का इल्ज़ाम नही,
मैंने तो उम्र भर ही ख्वाहिशों को मारा है..’
मीलों का सफर
Comments
11 responses to “मीलों का सफर”
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अच्छा
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🙏🙏
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अति सुन्दर
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🙏🙏
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बहुत ही बेहतरीन
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धन्यवाद
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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Sunder
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