मुक्तक

फूल लताओं को समेट कर रखता मेरा गांव
नल कूप को सहेज कर रखता मेरा गांव
रिस्ते को मदमस्त खुशहाल रखता मेरा गांव
मिट्टी की खुशबू को सहेज कर रखता मेरा गांव

महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

7 responses to “मुक्तक”

  1. NIMISHA SINGHAL Avatar

    बधाई महेश जी

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद
      https://www.saavan.in/?p=30978

      कृपया मेरे रचना *मेरे बापू गांधी जी* पर कमेंट करें आपके कॉमेंट का हमें इंतजार रहेगा ।

      ‌ महेश गुप्ता जौनपुरी

Leave a Reply

New Report

Close