लिखोगी प्यार का रोना
न जाने और कब तक तुम
मुझे फुरसत कहाँ है अब
बच्चों को पढ़ाना है।
मुक्तक
Comments
9 responses to “मुक्तक”
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अतीव सुन्दर
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धन्यवाद
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Achcha likha hai
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Thanks
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Nice
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धन्यवाद जी
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वाह
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👏
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🙏
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