मुस्कान

उफ़ ये बेरूखी वो तो इक झलक के प्यासे हैं
किस्मत से कमज़ोर हैं मुस्कान भी न पा सके

Comments

2 responses to “मुस्कान”

  1. बहुत ही खूबसूरत पंक्तियां कम शब्दों में आपने सब कुछ कह दिया

  2. राकेश पाठक

    Nice

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