4 Comments

  1. मेघा आए रे आए रे,
    ऐसी पड़ी फुहार।
    भीगी मेरी कॅंचुकी,चुनरिया
    नीर गिरे भरमार।
    —- कवि गीता जी की बहुत ही सुरम्य रचना । वाह

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