मैं कितना भी हूं उदास,
वो हंसा ही देते हैं,
मुरझाईं कली को ,
फिर से खिला ही देते हैं,
करता होगा जमाना मोहब्बत,
अपने महबूब से,
मगर वो है कि उसे अंजाम तक
पहुंचा ही देते हैं,
और बहुत ख़ाली-खाली थी
जिन्दगी मेरी,
वो खुशियों की फुहार से
उसे भर ही देते हैं,
वो खुशियों की फुहार से
भर ही देते हैं।
मेरा जीवन साथी
Comments
20 responses to “मेरा जीवन साथी”
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अतिसुंदर
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धन्यवाद सर
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वाह वाह
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धन्यवाद सर
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Lovely
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Thank you so much
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Marvelous
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Thank you so much
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बहुत खूब
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धन्यवाद सर
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Very Nice!
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धन्यवाद सर
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Good. Keep it up.
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Thank you
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Bhott sundar
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धन्यवाद
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बहोत ही मोहक मधुर रचना । अति सुंदर भाव
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Thank you
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Very good
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धन्यवाद
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