मेरा प्यार, बुजुर्ग का ज्ञान

मेरा प्यार, बुजुर्ग का ज्ञान
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किसी बुजुर्ग ने,
एक सवाल पूछा,
जिसका जबाब-
उम्र भर ना दे पाऊगा,

बेटा! ऐसा कौन सा
ज्ञान हासिल किया है,
जो आज उसकी
बेटी ले के भागा है,

कैसे जबाब दू प्यार हैं
बुजुर्ग ने सवाल पूछा, ज्ञान का हैं,
———
कवि-ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’-

Comments

4 responses to “मेरा प्यार, बुजुर्ग का ज्ञान”

  1. राकेश

    Nice

  2. Pragya

    मैं खुद इस सवाल को लेकर असमंजस में पड़ गई हूँ बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति

  3. Satish Chandra Pandey

    वाह बहुत खूब ऋषि

  4. बहुत ही उच्च स्तरीय लेखन

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