7 Comments

  1. शिक्षा की ललक को दिखाती गरीब बाला की व्यथा
    प्रतिदिन भेंट मेरी है इससे आंखों देखी ये कथा

  2. पढ़ लिखकर कुछ काबिल बन कर,
    माँ को सुंदर साड़ी भेंट करूं,
    मेरा मन भी करता है।
    ——- कवि गीता जी की बहुत सुन्दर और लाजवाब अभिव्यक्ति

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