मेरा स्वप्निल प्रियतम तो

मेरा स्वप्निल प्रियतम तो
कवितायें लिखने वाला हो,
अपनी सुन्दर रचनाओं में
हर भाव सजाने वाला को।
अगर किसी कारणवश मुझमें
कभी निराशा घर कर जाए,
मेरा स्वप्निल प्रियतम तत्क्षण
आशा का संचार करे।
उसकी आशा का उकसाया
मैं अपनी मंजिल को पाऊं,
उसकी प्रेरणा शक्ति लिए
सम्मानजनक स्थिति पाऊं।

Comments

10 responses to “मेरा स्वप्निल प्रियतम तो”

    1. सादर आभार जी

  1. अच्छी आशा

  2. Geeta kumari

    वाह, कवि को प्रियतम भी कवि ही चाहिए..अति सुंदर

    1. जी सादर धन्यवाद

  3. बहुत ही शानदार कविता

  4. Kumar Piyush

    Nice

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