मेरी बेटी, मेरी है, सिर्फ मेरी है

मेरी बेटी, मेरी है, सिर्फ मेरी है
मेरी है, मेरी है, सिर्फ मेरी है,
तुम सिर्फ मेरी है,
मेरे बिना कोई दूसरा तुम से ज्यादा प्यार नहीं कर सकता मेरी जान,
तेरे सिवा किसी ओर से प्यार नहीं करुँगी,
तेरे नाम ही होगी मेरी आखिरी सांस,
तेरे साथ ही ये ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ मेरी गुड़िया,
मुझे ताने तब देना जब मैं तेरे साथ नहीं होगी, जीते जी तुझे छोड़ नहीं सकती मेरे बच्चे और मरुँगी मैं उस समय,
जब तुम मेरे साथ नहीं होगी, मेरी बेटी,
मेरी दुनिया जितना प्यार मैं तुम से करती हूं,
उतना तुम सोच नहीं सकती,
मुझे दिन रात तेरी फिक्र बहुत सताती है,
मेरी बच्ची, मेरी बेटी तू ही मेरे जीने का एकमात्र सहारा है,
मेरी बेटी, मेरी है सिर्फ मेरी है,
मेरी बेटी मेरी दुनिया है,
अपनी दुनिया, अपनी प्यारी बेटी तुम्हे सीने से लगाकर रखूगी,
मेरी बेटी, मेरी है, सिर्फ मेरी है

Comments

5 responses to “मेरी बेटी, मेरी है, सिर्फ मेरी है”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    वाह वाह

  2. वाह, बहुत सुंदर रचना

  3. पुत्री प्रेम पर आधारित बहुत सुंदर रचना

  4. बेटी के लिए ममता दर्शाती कविता

    1. Anu

      thank u ji

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