मेरी मोहब्त को सलाम कर तू

मेरी मोहब्त को सलाम कर तू
मेरी मोहब्त को सलाम कर तू बेवफ़ा
तूने ज़हर देकर बेवफ़ाई निभाई 
और हमने जान देकर आशिक़ी

तू चाहती थी छोड़कर जाना
तू चाहती थी छोड़कर जाना
और हम दुनिया छोड़ कर चले आये
कहती हो खुश हु आज
मेरा दिल ठुकराकर
और हम
और हम आज फिर से आंशू बहा आये

हिम्मत तो बहुत थीं 
दुनिया से लड़ने की
और जीत लेते हम भी इस जहाँ को
लेकिन तेरे सामने हम खुद को हार आये

पोस्ट मार्तम कर ले यमराज
तू भी पोस्ट मार्तम कर ले यमराज
लेकिन दिल
लेकिन दिल तो हम अपना वही छोड़ आये

 

Comments

4 responses to “मेरी मोहब्त को सलाम कर तू”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Satish Pandey

    आंनददायक, वाह बहुत खूब

  3. Satish Pandey

    Waah

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