3 Comments

  1. ये सारी सृष्टि तुझमें ही है समाई
    ये जल,जीव, नभ तुझसे ही मुक्ति पाती
    ________ कवि विकास जी की बहुत श्रेष्ठ रचना, जय श्री राम

  2. मेरे राम इतना तु कर दे मुझ पे एहसान
    कि तेरा नाम
    जय श्री राम जय हो
    लेखनी की

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