मोहब्बत की कहानी

धीरे-धीरे लौ जलती रही,
धीरे-धीरे शमा पिघलती रही
परवाना दूर से ही मचलता रहा,
हर मोहब्बत की कहानी है यही

*****✍️गीता

Comments

8 responses to “मोहब्बत की कहानी”

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी

  1. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी 🙏🙏

  2. SANDEEP KALA BANGOTHARI

    VERY good

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