8 Comments

  1. टाइपिंग मिस्टेक
    शीर्षक में “जोड़ों” के स्थान पर जोड़ो” आयेगा। कुछ इस तरह
    मोहब्बत की कड़ी जोड़ो

  2. “दूसरों से रोज लड़-भिड़ कर।प्यार से भी कभी जी लोकरो इज्जत सभी की तुम,स्वयं ही दूर भागेंगे न टिक पायेंगे कोई गम।”
    कवि सतीश जी की बहुत सुन्दर काव्य रचना,जिसमे उन्होंने लड़ाई झगड़े से दूर रह कर प्रेम से रहने का संदेश दिया है । स्वार्थ परकता को छोड़ कर प्रेम मोहब्बत से जीने का संदेश देती हुई बहुत ही शानदार रचना । सुंदर प्रस्तुतिकरण ।बेहतरीन लेखनी की बेहतरीन अभिव्यक्ति ।

    1. इतनी खूबसूरत समीक्षा हेतु धन्यवाद शब्द भी कम है। गीता जी आपके द्वारा की गई यह समीक्षा उत्साहवर्धक और प्रेरणादायी है। सादर धन्यवाद

  3. हर घड़ी लाभ मत देखो
    कहीं पर स्वार्थ भी छोड़ो
    दौड़ने से तो अच्छा है
    कही मोहब्बत की कड़ी जोड़ो|
    ————————————
    सर आपने एक ऐसी सच्चाई बयां की जिसकी जरूरत थी,
    कम शब्दों में उच्च कोटि की रचना

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