मोहब्बत के एहसास

जिन्दा रहते हैं मोहब्बत के एहसास,
करते हैं सदैव हृदय में वास।
महकते हैं गुल बनकर यादों में,
नहीं मोहताज हैं किन्हीं वादों के।
बहुत खास होते हैं ये एहसास,
प्रिय के पास होने का दें आभास।
फ़िर कोई दूरी नहीं सताती है,
प्रिय की याद जब आती है
बहुत काम आते हैं ये एहसास,
विरह के पलों में,
खुशी देने का करते हैं प्रयास,
करते हैं सदा ही ह्रदय में वास।।
____✍️गीता

Comments

6 responses to “मोहब्बत के एहसास”

  1. अतिसुंदर भाव

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

  2. बहुत सुंदर रचना। वाह, कोमल भाव, उच्चस्तरीय प्रस्तुति

    1. Geeta kumari

      सुन्दर और प्रेरणा देती हुई समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

    1. Geeta kumari

      Thanks pragya

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