मोहब्बत हो गई

एक कतरा ना ,
अश्क का बहाया हमने,
दिल ही दिल में सब
दबाया हमनें
गुनगुना सा बदन
जब होने लगा
दिल ने बताया….
उफ्फ ये तो मोहब्बत हो गई..

*****✍️गीता

Comments

9 responses to “मोहब्बत हो गई”

    1. Geeta kumari

      सादर आभार एवं धन्यवाद भाई जी 🙏

  1. अति सुन्दर लाजवाब

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी

  2. अरे बाप रे !
    मुझे तो बुखार के लक्षण दिख रहे हैं चेक करो पहले..

    1. Geeta kumari

      Thank you very much for your precious compliment.
      And Thank you soooo much for your concern.

  3. कवि गीता जी की बेहतरीन, कोमल और सुन्दर कविता, बहुत खूब सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      कविता की सुंदर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
      अभिनन्दन🙏

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