मुट्ठी में भर लेती सारे जहां के तारे
जलते हुए सूरज की तपन को भी सहते
हुकुमत करते हम दुनिया में सारी
मोहब्बत की नजर जो मैहरम तेरी होती
मोहर्रम की नजर
Comments
9 responses to “मोहर्रम की नजर”
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Nice
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🙏🙏
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Nice
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dhanyvad aapka
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वेलकम
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💞
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💕💕💐💐
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Nice
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🙏🙏🙏
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