यह न समझो

यह न समझो हम कभी रोये नहीं
आसुंओं से चेहरा धोए नहीं।
पी गए भीतर ही भीतर अश्रुजल
बस दिखावे के लिए रोये नहीं।

Comments

14 responses to “यह न समझो”

  1. बहुत बढ़िया

    1. धन्यवाद जी

  2. Suman Kumari

    सुन्दर ।
    आँसूओ से कहाँ कोयी अछूता
    कभी न कभी हर कोयी रोता

    1. इतनी सुंदर टिप्पणी हेतु हार्दिक धन्यवाद।

    1. धन्यवाद सर

    1. Satish Pandey

      Thanks

    1. Satish Pandey

      Thanks

  3. Indu Pandey

    बहुत बढ़िया वाह जी

    1. Satish Pandey

      Thank you

Leave a Reply

New Report

Close