साज़
……..
बुझती… बंद होती.. यादो की मोमबत्तीयाँ….
दे जाती हैं याद… आज भी मधुरिमा।
याद रह जाते हैं …कुछ शब्द…गूंज बनके…
कहकहे हवाओं में गूँजते हैं साज़ बनके।।
निमिषा
…….।
यादें
Comments
15 responses to “यादें”
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वाह
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धन्यवाद
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वाह बहुत सुंदर रचना
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धन्यवाद्
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Nice
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Thanks dear
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वाह बहुत बढ़िया
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Thanks
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सुंदर रचना
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Thanks
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Nice
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Thanks
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Nice
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धन्यवाद
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Nice
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