ये, अंदर की बात है !

 

हनीमून-टूर पर नवयुगल ने , हिल-स्टेशन के आलीशान होटल में
: आनन्दपूर्वक सुहागरात मनाई
बिदाई में ‘रिटर्न-गिफ़्ट’ के बतौर, होटल-प्रबंधन से एक ‘सी.डी.’ पाई .

‘वे’ बहुत खुश थे————–
कि ; ‘सी.डी.’ के माध्यम से अब घर बैठे हिल-स्टेशन की सैर करेंगें
‘‘कमरे से बाहर तक नहीं निकला घोंचू ’’-इस शाश्वत् लांछन से भी बचेंगें .

घर लौटकर यात्रा के सच्चे–झूठे, खट्टे–मीठे अनुभव सबको सुनाये
हिल–स्टेशन पर खरीदे, रेडीमेड फोटोग्राफ़ ‘अपने’ कहकर दिखाये

और फिर , जोश में आकर, ‘सी.डी.’ आन कर दी ………………

अब ‘उनके’ चेहरे फ़क़्क़ थे
सभी को थी उनसे हमदर्दी.

अरे , यह क्या ? तौबा ……. तौबा !!
सी.डी. में वही ‘ सब कुछ ’ तो था , ‘ उस रात ’ जो उनके बीच हुआ
…..000….. …….000……       …….000….. ……000……

Comments

3 responses to “ये, अंदर की बात है !”

  1. Panna Avatar

    बेहतरीन !!

    1. Anupam Tripathi Avatar
      Anupam Tripathi

      आभार मित्र! जीवन के कुछ प्रसंग नितान्त निजी अनुभव होते हैं, उनके प्रति सचेत रहना हमारी प्राथमिकता होनी ही चाहिए ।

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