ये तूफाँ का इशारा है..

‘ये चाहता मैं भी हूँ के ठोकरें लगती रहें तेरी,
तुझे मैं याद रख सकूँ, ये आग जलती रहे मेरी..
मेरे सब्र को मेरी बेबसी की इन्तेहाँ मत समझना,
ये तूफाँ का इशारा है जो इस वक्त खामोशी है मेरी..’

– प्रयाग

Comments

8 responses to “ये तूफाँ का इशारा है..”

    1. Prayag Dharmani

      शुक्रिया

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

    1. बहुत शुक्रिया

  2. बहुत सुन्दर

    1. आभार आपका

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