रहमो-करम

बातों से कब तक जीते रहेंगे,
रहमो करम पर कब तक रहेंगे।
उग्रता के शाख पर कब तक बैठोगे,
सच्चाई को समझो और बढ़ो तुम आगे।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

6 responses to “रहमो-करम”

  1. वर्तनी का ध्यान रखें

  2. या तो सत्य कहा आपने

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