रातें सजाकर देख लो

हँसते-हँसते चले जाएगे
जहान से हम
बस एक बार तुम मुस्कुरा
के मुझे देख लो
आ ही जाओगे मेरी बातों में
अपनी रातें सजाकर देख लो….

Comments

7 responses to “रातें सजाकर देख लो”

  1. Satish Pandey

    सुन्दर भावाभिव्यक्ति, लाजवाब पंक्तियाँ

  2. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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