रात का पागलपन भी देखो!
खत्म होती ही नहीं रात भर,
जब होता था,
सुकून ,
तब सोता था,
मगर अब ,
नींद की हिम्मत भी देखो!
आती ही नहीं रात भर।
रात का पागलपन भी देखो!
Comments
18 responses to “रात का पागलपन भी देखो!”
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Nice! 👍
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Thanks
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Nice
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Thanks
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अतिसुंदर भाव
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धन्यवाद सर
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सुन्दर
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धन्यवाद
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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Wow
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Thank you
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सुंदर पंक्तियाँ
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धन्यवाद सर
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Neend ki kahani sab ki ek jesei hi Hoti hai.✍️👍
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धन्यवाद जी
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Good
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धन्यवाद
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