पढ़कर रामायण का हिंदी अनुवाद
पाखंडी भी खुदको विद्वान समझते है
भड़काते लोगो को और कहते
हम रामायण को पढ़ते है.
रामायण का पाठ ही
पतितो को पावन कर दे
बुराई मिटा दे मन की
मन में राम नाम को भर दे.
राम नाम से पत्थर भी तिर जाये
ये तो सबको पता है
जितना सम्मान राम को मिला
क्या भगवान बाल्मीकि को भी मिला है?
ऊंच नीच, मार काट में
धर्म ही आज खो गया है
लिखी जिसने रामायण
अब वो ही अपवित्र हो गया है.
आसरा मिला सीता माँ को
तुम्हारे ही अशीष तले
लव कुश को शिक्षा मिली
तुम्हारे सहारे हम भी पले
प्राण जाये पर
रघुकुल की रीति यूहीं चले.
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