रास्ते तेरे वास्ते

ये पहाड़ ये वादियाँ
ये टेरे मेरे रास्ते

किसऔर जाना है
किस के वास्ते

बस चलते रहना है
खुद की तलाश में

ज़िन्दगी किस और जा रही
उसका पता नहीं

राहगीर है तोह चलते रहना है
बसेरे कई है पर घर नहीं

लोग कई है
पर तेरे जैसा कोई नहीं

Comments

9 responses to “रास्ते तेरे वास्ते”

  1. Antariksha Saha Avatar

    आप सब का शुक्रिया

  2. बसेरे तो हैं कई पर कोई घर अपना नहीं है…. सही कहा।

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