7 Comments

  1. भावनात्मक रूप से आपकी रचना बहुत सुंदर है तथा जी मनसे और सोच से आपने इस कविता को सजाया है उसका कलापत उसका शिल्प बहुत ही मजबूत है आपकी यह चंद पंक्तियां गत्यात्मक है भाषा शैली सरल और सहज है तथा आपने जिस प्रकार सावन परिवार के बारे में तथा कविता के कुछ नाम चीनी प्रकारों के बारे में बातें की है और अपनी कविता को सजाया है वह आपकी दुर्लभ प्रतिभा को व्यक्त करता है ऐसे ही उच्च कोटि की रचनाएं लिख कर सब का अनुगमन करते रहें
    👍👍👍

    1. सर नमस्कार, आपके द्वारा लिखी गई यह टिप्पणी आभास दिला रही है कि आप साहित्य के जानकार एक मंझे हुए विद्वत व्यक्ति हैं। आप इतनी संतुलित टिप्पणी लिख रहे हैं, परिचय तो नहीं हो पाया है अभी लेकिन जो भी हैं विद्वान हैं, यह अनुभूति जरूर हो गई है।

  2. कवि सतीश जी ने अपनी इस रचना में सावन मंच पर कविताओं की सरिता बहने की बात कही है । यहां पूरे भारत के कवि सम्मिलित होते है और काव्य के क्षेत्र में अपना योगदान देते हैं
    बहुत सुंदर प्रस्तुतिकरण

  3. वाह✍👌
    कोई श्रृंगार वियोग लिखता है यहां
    कोई हास्य वीर रस लिखता है,
    कोई भ्रष्टाचार तो कोई पाखंडवाद से लिखता है,,
    पर एस.पी.सर आप महान-
    सबकी कविता की लिखनी,
    आप अपनी एक कविता में लिख देते हैं🙂

    बहुत सुंदर रचना सर आपकी

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