रौशनी …

ये पथ ले जाएंगे, लक्ष्य तक जरूर
मत छोड़ना मनुज तू अपना गुरूर
हौसले बुलंद ही रखना तू सदा,
अंधेरों के बाद ही आती है रौशनी….

*****✍️ गीता*****

Comments

20 responses to “रौशनी …”

  1. बहुत खूब, निराली प्रतिभा

    1. बहुत सारा धन्यवाद है ईशा जी..

  2. सच्ची कविता वही होती है जो हौसला बुलंद करे। आपकी ये पंक्तियां हौसला बुलंद करने को प्रेरित कर रही हैं। वाह

    1. कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 🙏 समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत आभार ।

  3. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद जी

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏

  4. बहुत ही सुन्दर कविता, wow

    1. Geeta kumari

      Thank you so much Kamla ji 🙏, for your precious compliment.

  5. अदभुत रचनाशीलता है।
    “हौसले बुलंद ही रखना तू सदा,
    अंधेरों के बाद ही आती है रौशनी….”
    बुलंद हौसले रखने की प्रेरणा देती बहुत ही सुंदर कविता की सृष्टि हुई है। उच्चस्तरीय भाव है। “पथ ले जाएंगे लक्ष्य तक जरूर” में निराशा रहित होकर बढ़ते रहने का उत्तम भाव है। सीधी व सरल भाषा में बेबाक प्रेरणा देती बेहतरीन पंक्तियाँ।

    1. Geeta kumari

      इतनी सुन्दर समीक्षा सर , इतनी सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी । आपकी प्रेरणाओं से ही मुझे लेखन क्षेत्र में बहुत प्रेरणा और नवीन ऊर्जा मिलती है। अभिवादन सर।

  6. जितनी तारीफ की जाए कम है। बहुत बढ़िया

    1. Geeta kumari

      Thank you very much sir for your valuable comment 🙏

  7. Seema Chaudhary

    प्रेरणा देती हुई बहुत शानदार कविता है गीता keep it up

    1. Geeta kumari

      Thanks Allot seema

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद मोहन जी

  8. सकारात्मक भावनाओं को प्रेरित करती हुई सुंदर पंक्तियां

    1. Geeta kumari

      समीक्षा के लिए बहुत बहुत शुक्रिया प्रतिमा जी

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