7 Comments

  1. “बिछ गये रंगीन पंखों की तरह ख्वाब मेरे,आखिरकार लहरों ने किनारा पा ही लिया…”
    अपने ख़्वाब पूरे होते हुए देखने की कवि की बहुत सुन्दर पंक्तियां
    उल्लास के क्षण व्यक्त करती हुई बहुत सुंदर कविता

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