लाचारी

जीवन है अनमोल पर, बीत रहा बेकार
धंधा सब चौपट हुए, मानव है लाचार
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रोजी रोटी बंद है, बहुत दिनो से जान
अब हर वर्ग तबाह है, औ मजदूर किसान

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One response to “लाचारी”

  1. अति उत्तम

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