लायक

रोया हूं बहुत चादर में मुंह छुपा कर के,
लायक हूं ना लायक नहीं,
जो मरा नहीं किसी के प्यार में,
गले में रस्सी का फंदा लगा करके|

वह छोड़ दी तो कोई बड़ी बात नहीं,
मेरे साथ मेरा परिवार है ,
इससे बड़ी कोई बात नहीं|
प्यार करने के लिए बहन भाई मां बाप है-
जिसे मैं समझूं ओ मुझे न समझे
उससे बड़ा कोई मूर्ख नहीं|

Comments

12 responses to “लायक”

  1. Suman Kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. Satish Pandey

    प्यार करने के लिए बहन भाई मां बाप है-
    सुन्दर पंक्तियाँ

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Nice

  4. Geeta kumari

    बहुत सुंदर रचना है
    “वह छोड़ दी ‘के स्थान पर “वह छोड़ गई ‘होना चाहिए था।
    हिंदी में इन दोनों वाक्यों के अर्थ में बहुत अंतर है।
    शेष कविता बहुत खूबसूरत है।

    1. सुझाव के लिए हृदय से धन्यवाद

      1. Geeta kumari

        Thank you

  5. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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