वक्त ने फंसा दिया है,
कभी रुला, कभी हंसा दिया है
उनसे कहो, परेशान नहीं हैं हम
वक्त की ही बात है, नहीं है कोई गम
वक्त
Comments
10 responses to “वक्त”
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सुंदर
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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बहुत ही सुंदर रचना
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धन्यवाद ऋषि जी
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वाह
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Thank you sis.
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वाह, क्या बात है, बात तो वक्त की ही है। लाजवाब पंक्तियाँ, उच्चस्तरीय सृजन
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इतनी अच्छी समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
प्रेरक समीक्षा हेतु बहुत बहुत शुक्रिया..
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बहुत ही उम्दा
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Thank you pragya.
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